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गणतन्त्र दिवस

भूमिका-स्वतन्त्रता किसे प्रिय नहीं? स्वतन्त्रता वरदान है और परतन्त्रता अभिशाप। क्षण भर की परतन्त्रता भी? असहनीय बन जाती है। पशु-पक्षी तक पराधीनता के बन्धन में छटपटाने लगते हैं। तब मानव जो संसार का सर्वश्रेष् प्राणी माना जाता है पराधीनता को कैसे सहन करता है? कभी-कभी विवश एवं साधनहीन होने के कारण उसे पराधीनता की चक्की में पिसना पड़ता है। जो राष्ट्र किसी दूसरे राष्ट्र द्वारा पराधीन बना लिया जाता है, उसका अपना अस्तित्व ही समाप्त हो जाता है। उसका केवल राजनीतिक दृष्टि से ही पतन नहीं होता अपितु उसका सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक दृष्टि से भी पतन होने लगता है। भारत देश को भी शताब्दियों तक पराधीनता का अभिशाप सहन करना पड़ा। लम्बे संघर्ष के बाद 15 अगस्त, 1947 को जब देश स्वतन्त्र हुआ तो उसकी प्रसन्नता का ठिकाना न रहा। ऐसा लग रहा था जैसे अन्धे को प्रकाश मिल गया हो, बेजान व्यक्ति में प्राणों का संचार हो गया हो अथवा मूक बांसुरी में किसी ने संगीत भर दिया हो। भारत स्वतन्त्र तो हो गया पर उसका कोई अपना संविधान नहीं था। सन् 1950 में देश के चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा नया संविधान बनने पर 26 जनवरी को गणतन्त्र दिवस घोषित किया गया।

गणतन्त्र का अर्थ-गणतन्त्र का अर्थ है सामुदायिक व्यवस्था। भारत में ऐसे शासन की स्थापना हुई जिसमें देश के विभिन्न दलों, वर्गों एवं जातियों के प्रतिनिधि मिलकर शासन चलाते हैं। इसलिए भारत की शासन पद्धति को गणतन्त्र की संज्ञा दी गई और इस दिन को गणतन्त्र दिवस के नाम से सुशोभित किया।

26जनवरी का रहस्य-26 जनवरी का दिन बहुत पहले ही मनाना आरम्भ कर दिया गया था। इसलिए यह दिन राष्ट्र के स्वाधीनता संग्राम में भी अमर है। 26 जनवरी, 1929 ई0 को लाहौर में रावी नदी के तट पर एक विशाल जन-समूह के सामने स्वतन्त्रता संग्राम के प्रमुख सेनानी पण्डित जवाहर लाल नेहरू ने यह घोषणा की थी- हम भारतवासी आज से स्वतन्त्र हैं, ब्रिटिश सरकार को हम अपनी सरकार नहीं मानते। यदि ब्रिटिश शासक अपनी खैर चाहते हैं तो वे यहां से चले जाएं और खैरियत से नहीं जाएंगे तो हम आखिरी दम तक भारत की आजादी के लिए लड़ते रहेंगे और अंग्रेजों को चैन से नहीं बैठने देंगे।

स्वतन्त्रता प्राप्ति से पूर्व twenty six जनवरी मनाने का लक्ष्य और था और स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद कुछ और। पहले हम स्वतन्त्रता प्राप्ति. के लिए अपनी प्रतिज्ञा दुहराते थे और स्वतन्त्रता संग्राम को गति देने के लिए अनेक प्रकार की योजनाएं बनाते थे। अब 26 जनवरी के दिन हम भारत -की खुशहाली के त्निााद् कामना करते हैं और अपनी स्वतन्त्रता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए न् प्रतिज्ञा करते हैं। इस दिन हम ने तथा हमारी सरकार ने जो कुछ किया है, उस पर नजर डालते हैं। भविष्य में क्या करना है, इसके लिए योजनाएं बनाते हैं। यह पर्व बड़े हर्ष उल्लास के मध्य मनाया जाता है।

26जनवरी और नया संविधान-भारत को पूरी तरह से गणराज्य बनाने के लिए राष्ट्रीय संविधान की आवश्यकता थी। संविधान के निर्माण में लगभग 2 . 5 वर्ष लग गए। 26 जनवरी, 1950 को इस संविधान को लागू किया गया। भारत को पूर्ण रूप से गणराज्य की मान्यता प्राप्त हो गई। देशरत्न बाबू राजेन्द्र प्रसाद भारत के प्र थम राष्ट्रपति बने और पं0 जवाहर लाल नेहरू प्रथम प्रधानमन्त्री। यह दिवस प्रथम बार बड़े समारोह से मनाया गया। हर्षातिरेक से नागरिक झूम उठे। ऐसा लगता था जैसे किसी निर्धन को रत्नों का खजाना मिल गया हो। कुटिया तक जगमगा उठी। यह उत्सव दिल्ली में जिस शान से मनाया गया, उसे दर्शक कभी भूल नहीं सकते। उसके बाद प्रत्येक वर्ष यह मंगल पर्व बड़े उत्साह से मनाया जाता है। देश भर में अनेक स्थानों पर विविध कार्यक्रमों की योजना बनाई जाती है। सांस्कृतिक प्रदर्शन और नृत्य होते हैं। सैनिकों की परेड होती है। वायुयानों से पुष्प वर्षा की जाती है।

dua puluh enamजनवरी का महत्त्व-26 जनवरी के दिन आजादी को कायम रखने के लिए देशवासी प्रतिज्ञा करते हैं। वे देश के निर्माण एवं उत्थान के लिए कृत-संकल्प होते हैं। यह राष्ट्रीय पर्व देश के निवासियों में नया उत्साह, नया बल, नई प्रेरणा और नई सफूर्ति भरता है। देश-. भबन शहीदों को श्रद्धांजलियां अर्पित की जाती है। 26 जनवरी के दिन राष्ट्रपति भवन में विशेष कार्यक्रम हो है। वे देश के सैनिकों, साहित्यकारों, कलाकारों आदि को उनकी उपलब्धियों पर अनेक प्रकार के पदक प्रदान करते है।

उपसंहार-स्वतन्त्रता प्राप्ति के पश्चात् भी देश ने अभी तक भरपूर उन्नति नहीं को। इसका कारण भ्रष्टाचार, साम्प्रदायिकता, भाषा- भेद, जातिवाद एवं संकीर्ण दृष्टिकोण हैं। हमें चाहिए कि हम इन दोषों को त्याग कर देश-कल्याण के कार्यों में लीन हो जाएं। तभी हमारे देश में वैभव का साम्राज्य स्थापित हो सकता है।

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Republic Day Paragraph – 9

India became a Sovereign, Democratic and Republic condition when the Indian Constitution arrived to force in 26 th of January 26 in 1950. India celebrates the memories to be a republican country on Republic Day every year. American indian President becomes the guests of prize at this day. It is the working day when

Salute of twenty one guns is given after unfurling of the Of india National Banner by the Leader. It is a countrywide holiday all across the country however celebrated with lots of enthusiasm by Indian citizens. Indian National Flag offers tricolour band (upper saffron, middle white colored and decrease dark green in equal proportion). Middle white colored band contains a navy-blue tire with twenty-four spokes which represents the Ashok chakra. Each of the three colors of American indian Flag reveal different meaning (top saffron – strength and bravery, middle light – peacefulness and real truth and reduced green – fertility, progress and auspiciousness of country).

Background

India became in addition to the United Kingdom on August 12-15, 1947. India did not have a permanent metabolic rate at this time. The drafting panel presented the constitution’s initially draft to the national assembly on Nov 4, 1947. The national assembly signed the final English language and Hindi language types of the metabolic rate on January 24, 1950.

India’s metabolic rate came into influence on Republic Working day, January dua puluh enam, 1950. This date was chosen when it was the birthday ofPurna SwarajTime, which was placed on January 26, 1930. The metabolism gave India’s citizens the ability to control themselves by choosing their own federal government. Dr Rajendra Prasad got oath as India’s 1st president with the Durbar Corridor in the Govt House, accompanied by a household drive along a approach to the Irwin Stadium, in which he unfurled India’s national banner. Ever since the historic time, January dua puluh enam is commemorated with celebrations and patriotic fervor throughout India.

2 . गणतन्त्र दिवस (26 जनवरी) | Paragraphon Republic Day: twenty sixth of January, for Institution Students in Hindi Terminology (National Festival)

हमारे राष्ट्रीय त्योहारों में गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) का स्थान स्वाधीनता दिवस (15 अगस्त) के बाद महत्त्वपूर्ण है । आज ही के दिन हमने अपने राष्ट्र के विकास के एक विशेष संविधान को तैयार करके इसे कार्य-रूप में लागू करने के लिए सब प्रकार की तैयारी और योजना पूरी की थी ।

यह संविधान महामतिमान बाबा डॉ॰ भीमराव अम्बेडकर की अपार बुद्धि और विवेक के द्वारा तैयार हुआ था । इस संविधान को लागू करके हमने अपने राष्ट्र को पूर्ण स्वायत्त गणतन्त्र का स्थान दिया था । इसलिए 26 जनवरी को ‘गणतंत्र दिवस’ कहा जाता है ।

twenty six जनवरी का दिन हमारी स्वाधीनता के लिए एक अत्यन्त महत्त्व एवं हर्ष का दिन है । 26 जनवरी, 1930 को रावी नदी के तट पर नेहरू जी की अध्यक्षता में पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्ति का प्रस्ताव काँग्रेस अधिवेशन में पास हुआ । संघर्ष चलता रहा ।

निरीह जनता स्वतंत्रता की बलिवेदी पर चढ़ती रही । अंतत: शहीदों का खून रंग लाया और देश स्वतंत्र हुआ । लौह पुरुष सरदार पटेल की योग्यता और साहस ने भारत की सात सौ रियासतों को मिलाकर तिरंगे झण्डे के नीचे ला दिया ।

26 जनवरी को रावी-तट पर किए गए ऐतिहासिक निर्णय की याद में 26 जनवरी, 1950 को अखण्ड भारत का संविधान लागू कर दिया गया । इस दिन भारत को सर्वोच्च सम्पूर्ण प्रभुता गणराज्य घोषित किया गया । राष्ट्रपति को देश का सर्वोच्च शासक माना गया । तभी से 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के रूप में माना जाता है ।

26 जनवरी को हम एक महान राष्ट्रीय पर्व के रूप में मानते हैं । राजधानी दिल्ली में यह पर्व विशेष समारोह के साथ मनाया जाता है । विजय चौक से प्रारम्भ होकर लाल किले तक जाने वाली परेड इस समारोह का मुख्य आकर्षण होती है ।

इस परेड़ को देखने के लिए लोग बहुत सबेरे से ही इकट्‌ठे हो जाते हैं । लगभग प्रात: आ बजे राष्ट्रपति की सवारी विजय चौक पर पहुँच जाती है । प्रधानमंत्री उनकी अगवानी करते हैं । इसके बाद तीनों सेनाओं के सैनिक राष्ट्रपति को सलामी देते हैं ।

सैनिकों के बाद स्कूलों के बच्चों की टोलियां आती हैं, जो तरह-तरह के आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करती हैं । बच्चों की ये क्रियाएँ दर्शकों को मन्त्र मुग्ध कर देती हैं । इसके बाद विभिन्न प्रदेशों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों की आकर्षक झाँकिया निकलती हैं ।

उनमें राष्ट्र के विकास के प्रमाण चिह्न विज्ञान, कला, संस्कृति की विभिन्न उपलब्धियाँ दिखाई जाती हैं । पंक्ति बद्ध बैठे हुए दर्शक सामने से गुजरती हुई इन झांकियों को देखकर विशेष गर्व का अनुभव करते हैं । 26 जनवरी के दिन विभिन्न स्थलों पर विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम अपनाएं और आयोजित किए जाते हैं ।

इस देश के प्राय: सभी नागरिक इस महत्त्वपूर्ण त्योहार का विशेष आनन्द लेने के लिए अनेक प्रकार की कार्यविधियों को स्वतंत्रतापूर्वक अपनाया करते हैं । स्कूलों के बच्चे अपनी रंग-बिरंगी पोशाकों में अपने कौशल दिखाते हुए जलूस में भाग लेते हैं ।

देश की राजधानी दिल्ली में प्रदर्शित झाँकियों में विभिन्न हथियारों, टैंकों तथा प्रक्षेपास्त्रों का प्रदर्शन किया जाता है । राज्यों की प्रगति झाँकियों के रूप में दिखाई जाती है, जिससे भारत की उन्नति तथा समृद्धि का अनुभव होता है । ‘विभिन्नता में एकता छिपी है’ की उक्ति से भारत की एकता का ज्ञान होता है ।

इस दिन प्रत्येक प्रान्त की राजधानी में गणतंत्र दिवस बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है । झाँकियों आदि के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं । कवि सम्मेलन आयोजित किए जाते हैं । देश के सभी सरकारी भवनों पर रोशनी की जाती है ।

जगह-जगह राष्ट्रीय झण्डों को फहराया जाता है । भारतीय गणतंत्र की वर्षगां के साथ हमारा कर्त्तव्य है कि हम प्रण करें कि भारत की स्वतंत्रता तथा संविधान की मर्यादा रखने के लिए जीवन बलिदान कर देंगे, परन्तु इस पर आँच नहीं आने देंगे ।

देश की समृद्धि के लिए हम तन, मन और धन से जायेंगे । इस प्रकार से हमें गणतंत्र दिवस के विशेष महत्त्व पर पूरा ध्यान देते हुए इस परम सौभाग्यपूर्ण दिवस को एक संकल्प में लेकर देशोत्थान में लग जाना चाहिए ।

Republic Working day Paragraph – 8

India is a democratic country that this celebrates because Republic Day. India commemorates Republic Day on 21 th of January because on the same day in 1950 it was announced as Sovereign Democratic Republic. After India’s independence, It had been not have an everlasting constitution yet , later That adopted the ultimate English and Hindi editions of constitution which arrived to force in 26 th of January in 1950. On the same time in 1930, Purna Swaraj was declared in India by the Of india National Congress.

Indian Metabolic rate is a electricity which allows Indian citizens to govern themselves by selecting their own federal government. Dr . Rajendra Prasad became the initial Indian chief executive and Rehabilitation. Jawaharlal Nehru, the first Indian Excellent Minister. Republic day celebration in India symbolizes that of being the republican nation and celebrates its independence. Varieties of activities are arranged on this function celebration including military parades, demonstration of military equipment, cultural activities of says and learners to demonstrate the Indian traditions and custom, etc .

List of Documents on Republic Day

Composition Contents:

  1. गणतन्त्र दिवस । Essay on Republic Time in Hindi Language (National Festival)
  2. गणतन्त्र दिवस (26 जनवरी) | Paragraph on Republic Day: twenty sixth of January, for Institution Students in Hindi Language (National Festival)
  3. गणतंत्र दिवस-छब्बीस जनवरी । Dissertation on Republic Day pertaining to Teachers in Hindi Terminology (National Festival)
  4. गणतंत्र दिवस (छब्बीस जनवरी) । Essay upon Republic Working day – 26th January, for School College students in Hindi Language (National Festival)
  5. गणतंत्र दिवस | Essay on Republic Day pertaining to Teachers in Hindi Language (National Festival)

Republic Day time Essay in Hindi 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर निबंध

हमारा मात्रभूमि कई वर्षों तक ब्रिटिश सरकार के अधीन था। उस समय अंग्रेजी हुकूमत ने भारतीय लोगों को ज़बरदस्ती अपने कानून का पालन करने को कहा और ना मानाने वालों के साथ अत्याचार भी किया। कई वर्षों के संघर्ष के बाद भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों की कड़ी मेहनत और जीवन न्योछावर करने के बाद भारत को 15 अगस्त 1947 को आज़ादी मिली।

स्वतंत्रता के ढाई वर्ष के बाद भारत सरकार ने स्वयं का संविधान लागु किया और भारत को एक प्रजातांत्रिक गणतंत्र घोषित किया। लगभग 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन के बाद 26 जनवरी 1950 को भारत के संविधान को भारत की संविधान सभा में पास किया गया। इस घोषणा के बाद से इस दिन को प्रतिवर्ष भारतीय लोग गणतंत्र दिवस के रूप में मनाने लगे।

हर साल रिपब्लिक डे मनाना भारतीय लोगों और दुसरे देशों में रहने वाले भारतीय लोगों के लिए बहुत ही सम्मान की बात है। यह दिन सभी भारतीय लोगों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण दिन होता है और सभी लोग बहुत ही ख़ुशी और उत्साह के साथ इस दिन को मनाते हैं।

लोग इस दिन का बड़ी बेसब्री से इंतज़ार करते हैं और कई दिन पहले से ही इसकी तैयारी करने में जुट जाते हैं। गणतंत्र दिवस के उत्सव के दिन राजपथ में एक महीने से तैयारियाँ शुरू हो जाता है और इंडिया गेट के रास्ता को सुरक्षा के नज़रिए से बंद कर दिया जाता है ताकि किसी भी प्रकार की भी आक्रामक गतिविधियाँ ना हो सकें।

भारत की राजधानी दिल्ली और सभी राज्यों के राजधानी में इस उत्सव को बहुत ही बड़े तरीके से मनाया जाता है। उत्सव के दिन सबसे पहले भारतीय तिरंगे या राष्ट्रिय द्वज को भारत के राष्टपति फहराते हैं उसके बाद भारत का राष्ट गान जन गन मन गया जाता है।

उसके पश्चात बाकि कार्यक्रम शुरू होते हैं जैसे भारतीय सेना का परेड, सभी राज्यों की संस्कृति को दर्शाते हुए झांकी, और भारत के शक्ति को दर्शाते मिसाइल, सांस्कृतिक और देशभक्ति गिजों पर नृत्य और आखरी में कई प्रकार के पुरस्कार वितरण किये जाते हैं।

स्कूल और कॉलेज के छात्र भी इस उत्सव को मनाने के लिए उत्सुक रहते हैं इसलिए वे भी एक महीने पहले से इसकी तैयारी में लगे रहते हैं। जिन भी छात्रों ने शैक्षणिक सत्र में खेल, पढाई या अन्य कार्यक्रमों में अच्छा किया हो उन्हें इस दिन पुरस्कार और सर्टिफिकेट दे कर सम्मान दिया जाता है।

घरों में लोग इस दिन को अपने दोस्तों, परिवार वालों और बच्चों के साथ मनाते हैं। सभी भारतीय लोग इस दिन 8 बजे अपने टीवी पर राजपथ पर होने वाले समारोह को देखने के लिए तैयार रहते हैं। इस सम्मान के दिन पर हर भारतीय व्यक्ति यह प्रण लेते है कि वो अपने संविधान की रक्षा करेंगे और देश में शांति और सद्भाव बनाये रखेंगे ताकि इससे देश को विकसित बनाने में मदद मिले।

Republic Day Paragraph – six

India celebrates Republic Time annually on 26 th of January. It is a national holiday even so Indian persons celebrate it on the same day time especially students and teachers in the colleges and colleges by managing the variety of academics, cultural and sports activities. People pay much effort in organizing events and activities on party of Republic Day. A great parade is definitely held in Fresh Delhi at Rajpath by Indian military to pay honor for the Indian Flag. It requires the demonstration of specialties by the American indian Army, Navy, Air Force, classic dance troupes by Indian states, ethnic activities by the students, etc .

A flower tribute is conducted by the Of india Prime Ressortchef (umgangssprachlich) at the Bienquerer Jawan Jyoti, India Gateway to pay honor and remember those superb soldiers who have died for their country. A Salute is given to the India’s president by Indian military during the march. A travel past event takes place by Indian armed forces through fighter planes who shower increased petals.

Republic Day Composition 4 (250 words)

Introduction

In India, 26 a of January is famous as Republic Day each year because the Constitution of India came into push on this day time. It is recognized as the national event of India which has been declared as a nationwide holiday. Gandhi Jayanti and Independence Day are other two national holidays of India. On dua puluh enam th of January in 1950 the country started to be a complete Democratic Republic following reinforcement from the Constitution of India inside the Indian Parliament.

Just how Republic Working day is Famous

On this day an excellent Indian military services parade occurs which generally starts from the Vijay Chowk and ends at India Gate. Of india Armed Forces (Army, Navy and Air Force) salute the President of India when parading within the Rajpath. The parade as well showcases the capabilities of the Indian Armed Forces exhibiting the advanced arms and warfare of the country. It is accompanied by the tableau or ‘Jhanki’ of each express displaying their very own culture and traditions. College students celebrate this day in the schools and colleges by engaged in various occasions like parade, flag hoisting, speech competitions, plays and various other cultural programmes.

Conclusion

Republic Time is the national festival of India which will reminds us regarding the surrender of our great leaders and freedom fighters who did not think about themselves and their households and gladly sacrificed their particular lives for the nation. The democracy which we have received should be valued by everybody and should not really be taken with no consideration. Everyone will need to contribute their very own bit for the development of the nation and distributed peace, love and tranquility.

three or more. मनाने की रीति:

26 जनवरी को हम एक राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाते हैं । राजधानी दिल्ली में यह पर्व विशेष समारोह के साथ मनाया जाता है । पूरे भारत से लाखों की संख्या में लोग इस उत्सव को देखने के लिए एकत्रित होते हैं ।

कुछ लोग तो इतने उत्साही होते हैं कि 25 जनवरी की रात से राजपथ के दोनों ओर आकर बै जाते हैं, ताकि राजपथ से होकर गुजरने वाली परेड को वह प्रारम्भ से देख सकें । विजय चौक से प्रारम्भ होकर लालकिले तक जाने वाली परेड इस समारोह का मुख्य आकर्षण होती है । राष्ट्रपति आ घोड़ों की बग्घी में बैठकर विजय चौक पधारते हैं । वहां सेना के तीनों अंगों की सलामी स्वीकार करते हैं ।

इसके पश्चात् तीनों सेनाओं द्वारा प्रस्तुत की गयी शोभायात्रा का निरीक्षण करते हैं । सेनाओं की टुकड़ियां मार्च पास्ट करती हुईं राष्ट्रपति का अभिवादन करती हैं । इसी क्रम में युद्ध विषयक विविध सामग्रियों, अस्त्र-शस्त्रों का भव्य प्रदर्शन होता है तथा विभिन्न प्रदेशों द्वारा शानदार झांकियां निकाली जाती हैं ।

इन झांकियों में प्रत्येक प्रदेश अपने आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, औद्योगिक विकास व प्रगति का आकर्षक प्रदर्शन करते हैं । केन्द्रशासित प्रदेशों द्वारा राष्ट्र के विकास, विज्ञान, कला एवं संस्कृति की विभिन्न उपलब्धियां दिखाई जाती हैं । फिर बच्चों के साथ राज्यों के कलाकार भी अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए निकलते हैं ।

सैनिक सलामी का अन्तिम चरण अत्यन्त ही विमोहित कर देने वाला होता है । वायुसेना के 21 विमान आकाश में तिरंगा धुआ फेंकते हुए विभिन्न करतब दिखाते हैं । इस उत्सव का आनन्द उठाने के लिए विदेशी मेहमान भी आते हैं । इस दिन सायंकाल रामलीला मैदान में आतिशबाजी का प्रदर्शन होता है । सायकाल सरकारी भवनों पर रोशनी की जाती है । सभी प्रदेशों के सरकारी कार्यालयों में तिरंगा फहराया जाता है ।

स्कूलों तथा कॉलेजों में विद्यार्थी देशभक्तिपूर्ण गीत, भाषण, नृत्य आदि का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं । dua puluh enam जनवरी का दिन हमें याद दिलाता है कि उन अमर शहीदों-मंगलपाण्डे, भगतसिंह, सुखदेव, राजगुरु बिस्मिल, खुदीराम बोस, चन्द्रशेखर आजाद, वीर सावरकर, सुभाषचन्द्र बोस जैसे अमर सेनानियों की; गांधी, नेहरू, तिलक, पटेल की राष्ट्रीय आन्दोलनों में सक्रिय भूमिका रही है, जिनके प्रयत्नों से हमें ब्रिटिश उपनिवेशवादी शक्तियों से आजादी मिली ।

हम अनाम शहीदों को भी याद करते हैं । dua puluh enam जनवरी का दिन हमें यह प्रेरणा देता है कि राष्ट्र के प्रति हमें अपने हर कर्तव्य को पूरी ईमानदारी के साथ पूर्ण करना चाहिए । आवश्यकता पड़े, तो अपना सर्वस्व बलिदान करने से भी नहीं आना चाहिए । राष्ट्रहित ही सर्वोपरि है । वस्तुत: यह दिन हमारे लिए अत्यन्त पवित्र एवं महान है ।

Why Do We Enjoy Republic Day?

It is within this day the fact that Constitution of India arrived to effect. The Constitution of India had taken 2 years, 14 months and 18 times to acquire drafted. About 26 January 1950, the adoption of the Constitution of India took place by the people. It is within this day, the was transited as becoming the Independent Republic.

The importance from the Republic Time of India goes very well beyond the fact that it is one of many three countrywide holidays of the country. It’s the day which will marks the adoption with the Constitution of India by people. The pledge inside the preamble to our constitution reveals of India as a sovereign, socialist, secular, democratic, republic. Each of these can be an idea that forms the building blocks on which this kind of nation is created. Republic Working day reminds us in the elevated values enshrined with this sacred record that we call our Metabolism.

The Republic Day is actually a day of national pride. The grand display of military pleasure serves as a reminder that the reliability of our territorial sovereignty comes at the cost of various sacrifices. The development that we accomplish each year usually takes us further more ahead on the path which our freedom competitors had desired. It is a tip that we may claim with dignity the Fundamental Rights that our Constitution warranties but simultaneously we are as well bound to conduct the Fundamental Responsibilities that this extremely Constitution prescribes.

तात्पर्य व स्वरूप:

गणतंत्र को लोकतंत्र, जनतंत्र व प्रजातंत्र भी कहते है जिसका अर्थ है प्रजा का राज्य या प्रजा का शासन । जिस दिन देश का संविधान लागू हुआ उस दिन को गणतंत्र दिवस कहते हैं । हमारे देश में सविधान 26 जनवरी, 1950 ई॰ से लागू हुआ इसलिए इस तिथि को गणतंत्र दिवस कहते हैं । हमारा देश 15 अगस्त, 1947 ई॰ को स्वतंत्र हुआ था, उससे पूर्व हमारे देश में राजाओं, सम्राटों व ब्रिटिश सरकार का शासन था ।

स्वतंत्रता के बाद हमारे देश के विद्वान नेताओं ने देश में प्रजातंत्र शासन पद्धति लागू करने के लिए संविधान बनाया जिसको बनाने में लगभग चार वर्ष लग गए । 1946 ई॰ से संविधान बनाना प्रारम्भ हो गया था और दिसम्बर 1949 ई॰ में बनकर यह तैयार हो गया था । इस संविधान को twenty six जनवरी, 1950 ई॰ से लागू किया गया । तब से प्रतिवर्ष 21 जनवरी को हमारे देश मे गणतंत्र दिवस मनाया जाता है ।

Signs

Republic Working day represents the actual spirit in the independent India. Military ornements, displays of military tools and the nationwide flag are important symbols within this date. India’s national flag is a lateral tricolor of deep saffron (kesaria) at the pinnacle, white in the middle and dark green at the bottom in equal percentage. The ratio of the flag’s thickness to their length is two to three. A navy-blue wheel in the center of the white group represents the chakra. Their design is the wheel which appears on the abacus of the Sarnath Lion Capital of Ashoka. Its diameter approximates towards the white band’s width and it has twenty-four spokes.